श्री त्रिमूर्तिधाम बालाजी हनुमान मंदिर

(यह आरती प्रातः काल नहीं की जानी चाहिए)

 

जय हनुमत बाबा, जय जय हनुमत बाबा। 

रामदूत बलवन्ता, रामदूत बलवन्ता, सब जन मन भावा। 

जय जय हनुमत बाबा। 

 

अंजनी गर्भ सम्भूता, पवन वेगधारी, बाबा पवन वेगधारी। 

लंकिनी गर्व निहन्ता, लंकिनी गर्व निहन्ता, अनुपम बलधारी। 

जय जय हनुमत बाबा।

जगमग, जगमग, जोत जगी है, 

राम आरती, होन लगी है। 

जगमग, जगमग, जोत जगी है। 

 

मन्द मुस्कान, स्मित मुस्काई, 

अदभुत छवि, कैसी है बनाई, 

भव तरन की अब - आस जगी है। --राम आरती, होन लगी है। 

 

स्तुति

गुरुर्ब्रह्मा गुरुर्विष्णु गुरुर्देवो महेश्वरः। गुरुः साक्षात् परं ब्रह्म तस्मै श्री गुरवे नमः।।

अखण्डमण्डलाकारं व्याप्तं येन चराचरम्। तत् पदम् दर्शितं येन तस्मै श्री गुरवे नमः।।

नमस्ते भगवते भृगुदेवाय वेधसे। देव देव नमस्तुते भूत भावन पूर्वज।।

 

आरती

जय भृगुदेव हरे, जय जय भृगुदेव हरे। स्वामी जय जय भृगुदेव हरे।।

आरती कीजै हनुमान लला की। दुष्टदलन रघुनाथ कला की॥

जाके बल से गिरिवर काँपै। रोगदोष जाके निकट न झाँपै॥

अंजनि पुत्र महा बलदाई। सन्तन के प्रभु सदा सहाई॥

दे बीरा रघुनाथ पठाये। लंका जारि सिया सुधि लाये॥

मुख्य समाचार

पर्व:- श्री प्रेतराज जयन्ती

03 फरवरी 2017

पर्व श्री प्रेतराज जयन्ती, श्री त्रिमूर्तिधाम में 2 फरवरी को बड़ी हर्षोलास के साथ मनाया गया। 


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